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Suresh Raina Father Demise: कैंसर के खिलाफ जंग हारे सुरेश रैना के पिता, गाजियाबाद के घर में ली अंतिम सांस

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रैना के पिता त्रिलोकचंद ने गाजियाबाद में अपने घर में अंतिम सांस ली। वो लंबे समय से कैंसर की बीमारी से जूझ रहे थे। रैना के पिता को बम बनाने में महारत हासिल थी। वो ऑर्डिनेंस फैक्ट्री में काम करते थे। 

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पूर्व भारतीय क्रिकेटर सुरैश रैना के पिता त्रिलोक चंद रैना का रविवार को निधन हो गया। उन्होंने गाजियाबाद में अपने घर में ही अंतिम सांस ली। त्रिलोक चंद कैंसर की बीमारी से पीड़ित थे। पिछले साल दिसंबर के महीने में उनकी हालत काफी बिगड़ गई थी। इसके बाद थह जनवरी को उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कह दिया। त्रिलोक चंद रैना भारतीय सेना का हिस्सा रहे थे और उन्हें बम बनाने में महारत हासिल थी। 

रैना लंबे समय से अपने पिता के साथ घर में ही रह रहे थे और पिता की सेवा कर रहे थे। स्वर कोकिला लता मंगेशकर के निधन पर उन्होंने शोक जताया था। इसके बाद ही उनके ऊपर दुख का पहाड़ टूट पड़ा और उनके पिता भी उनका साथ छोड़कर चले गए। 

कश्मीर से गाजियाबाद आया परिवार
सुरेश रैना का परिवार मूल रूप से जम्मू और कश्मीर के रैनावारी गांव का रहने वाला है, लेकिन 1990 के दशक में कश्मीरी पंडितों की हत्या के बाद सुरेश रैना के दादा जी ने गांव छोड़ दिया था। रैना के पिता आर्डिनेंस फैक्ट्री में काम करते थे। रैना के अलावा उनके एक बेटा दिनेश (जो रैना से बड़े हैं) हैं। रैना की दो बहनें भी हैं। 

आईपीएल ऑक्शन में शामिल होंगे रैना
सुरेश रैना की बात करें तो वो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं। हालांकि, वो आईपीएल खेल रहे हैं। रैना आईपीएल में अब तक चेन्नई सुपरकिंग्स के लिए खेले थे, लेकिन इस बार चेन्नई की टीम ने उन्हें रीटेन नहीं किया है। रैना 12 और 13 फरवरी को होने वाले मेगा ऑक्शन का हिस्सा होंगे। उन्होंने अपना बेस प्राइस दो करोड़ रुपये रखा है। हालांकि, उनके मौजूदा फॉर्म को देखते हुए कोई भी टीम उन पर दो करोड़ की बोली लगाने से पहले सोचेगी, लेकिन उनका नाम और पिछला रिकॉर्ड को देखते हुए उन्हें खरीददार मिल सकता है। 

Suresh Raina Father Death: टीम इंडिया के पूर्व ऑलराउंडर सुरेश रैना (Suresh Raina) के पिता त्रिलोकचंद रैना (Trilokchand Raina) का आज रविवार गाजियाबाद में उनके निवास स्थल पर देहांत हो गया. वे लंब समय से कैंसर से पीड़ित थे. त्रिलोकचंद रैना मिलिट्री ऑफिसर थे. वे ऑर्डनेंस फैक्टरी में बम बनाने के एक्सपर्ट थे. त्रिलोकचंद रैना ‘रैनावाड़ी गांव’ के रहने वाले थे. यह उनका पैतृक गांव था. यह गांव केन्द्र शासित प्रदेश जम्म-कश्मीर में आता है.

1990 के दौर में जब इस राज्य में कश्मीरी पंडितों की यहां हत्या होने लगी तो त्रिलोकचंद ने पूरे परिवार के साथ यह गांव छोड़ दिया था. इसके बाद वह अपने पूरे परिवार को लेकर मुरादनगर में बस गए थे. पैतृक घर, गांव और जमीनें छोड़कर आए त्रिलोकचंद रैना के पास अपने बेटे सुरेश रैना की क्रिकेट कोचिंग की फीस देने के लिए भी पैसे नहीं हुआ करते थे. उन्होंने जैसे-तैसे सुरेश रैना को गुरू गोबिंद सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज, लखनऊ में एडमिशन कराया था.

टीम इंडिया के पूर्व स्पिनर हरभजन सिंह ने अपने साथी क्रिकेटर के पिता के निधन पर श्रद्धांजलि अर्पित की. हरभजन सिंह ने लिखा, ‘सुरेश रैना के पिता के बारे में सुनकर दुख हुआ. आपकी आत्मा को शांति मिले अंकल जी.’

  • February 6, 2022
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