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छत्तीसगढ़ी मपव- सब्बो झन के एकच गोठ, बने राही मोरठ जीनी रंठ

छत्तीसगढ़ी मपव- सब्बो झन के एकच गोठ, बने राही मोरठ जीनी रंठ
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सुने के बाद तन मन अपन सही हवा मान बल बल लाव रणव। चाँटी.ताकत केहे के मतलब नस्वर संसार में अपने आप सब नियम ला जानत मानत राही.

खेल खेलइया के तन मन रोग स्वस्थ

अऊ मन दु:ख शरीर चाही. जेगी चला बर धन दोगानी लागटाइ अ मन चलाए मान नियाव अनियाव में करे के बाद के आधार पर एक बेसी एक जीना घलाव ठन के खेल स्वस्थ मन ले खेल त सुख दुख स्थिति बेवहार मा संतुलन रईही।

रंग मान कोन घोरत हे नइ जानव

बढ़ते अऊ घटाती पसारा हा रंग माणण डारे के काम करत. हमेशा सावचेत रे रेइबे तभे में रखे गए पाबे.बनाऊकी कर बर थुके थुक मा बाराचुरोने वाले के कभी नहेहे सावचेत रे।

अन्सो के सात तोरेच हरय

केऊ खताब वाले तेन अगवे। मैनेज रे उदीम करी गोठियाए अऊ एक्टिवी के बुटा घलो मान पाही।

(मीलर्स अली छत्तीसगढ़ के समाचारों में, लिखा होता है .)

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  • June 1, 2022