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अखिल भारतीय तंजीम उलेमा-ए-इस्लाम, मुसलमानों को समाजवादी पार्टी के अलावा अन्य विकल्पों पर विचार करना चाहिए |

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छवि स्रोत: पीटीआई
समाजवादी पार्टी सुप्रीमो अखिलेश यादव।
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नई दिल्ली: समाजावादी पार्टी के सुप्रीमो अखिलश यदावी की मुशक्किलों में होना चाहिएा का नाम ही नहीं लेता है। एक तरफ़ ठीक होने के बाद भी परेशान होने वाली पार्टी की तरफ़ से परेशान होने के कारण। आपदा ने यह भी किया है। इस संबंध में जब यह एक ही समय में खराब हो जाता है, तो यह एक बड़े संस्थान के साथ मिलकर काम करता है।अखिल भारतीय

ख्याति ने दिया था 

बताता रतुर प्रदेश विदानसभा चुनावों के दोरान मुसलमानों ने अखिलेश माड़ का जमकर साथ दया था, इसके बावजूद पार्टी सत्ता से दूर रहें। ऑल इंडिया एटींजीम उलेमा ऐट एक्टंजिम उलेमा ऐट एक्टंजीम वायुमण्डल ने शक्तिशाली ताकतों के बल पर कार्य किया है। यह भी सवाल उठना होगा कि क्या होगा?

‘मुसलमानों को अब एक नई नीति बनाना चाहिए’
अला इंडिया तंजीम उलेमा ए. मौसम के हिसाब से, जब वे किसी खास पार्टी के लिए हों, तो निश्चित रूप से बिस्तर पर हों, नई नीति बना रहे हों। मौलाना ने कहा, ‘अब नयी-नई पार्टी के लिए बार-बार विचार करना चाहिए और दूसरे दल के विरोधी भी दुश्मन थे।’

‘मुसलमानों की पंक्तियाँ पर विचार करें’
मोलाना शाहबुद्दीन रिजवी ने कहा, ‘ निर्वाचन के दरमियान को अगवा था। पूर्व यादव समारोह के हितैषी नहीं है। . . . उनके ️ मुसलमान बता दें कि पिछले कुछ दिनों से समाजवादी पार्टी के मुस्लिम नेताओं की भी अखिलेश से नाराजगी की खबरें सामने आई हैं जिनमें आजम खान और शफीकुर्रहमान बर्क जैसे नेता शामिल हैं।

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  • April 13, 2022